Why We Celebrate Diwali in Hindi – दीपावली क्यों मनाई जाती है (हिन्दी में)

By | June 16, 2020

Why We Celebrate Diwali in Hindi – इस साल दिवाली Thursday, 4 November 2020

Mansilko.in में आप का स्वागत है, जैसा की आप सभी जानतें होंगे कि आगामी 04 Nov 2020 को दिवाली आने वाली है, जिसको लेकर लोगों में खूब उत्साह देखने को मिलता है, यह भारत के सबसे बड़े फेस्टिवल में से एक होता है, इस फेस्टिवल को हिंदुओं का सबसे बड़ा उत्सव भी कहा जाता है, ऐसे में हम सभी को यह जानकारी जरूर होनी चाहिए की दीवाली क्यों मनाई जाती है इसका क्या महत्व है ?

Why We Celebrate Diwali in Hindi

इस पोस्ट के माध्यम से आप सभी दिवाली के बारे में हर प्रकार की जानकारी प्राप्त करेंगे, और जानेगे की दिवाली का पर्व क्यों मनाया जाता है, लोग इस फेस्टिवल में क्या – क्या करते है और कितने और देशों में इस फेस्टिवल को बहुत धूम धाम से मनाया जाता है। दीपावली और दिवाली दोनों एक ही चीज है बहुत लोग इसको दीपावली के नाम से बोलते है तो बहुत लोग दिवाली, बहुत लोग Light of Festival भी कहते है। बहुत लोग जानना चाहते है की?

Diwali Dates: When is Diwali in 2020

  • Thursday, 4 November 2020

Why We Celebrate Diwali in Hindi

Why We Celebrate Diwali in Hindi

Diwali, India में हिन्दुओं का सबसे बड़ा त्योहार होता है। इसे दीपों का त्योहार भी कहा जाता है। दीयों का खास पर्व होने के कारण इसे लोग दिवाली या दीपावली के नाम से भी जानतें है। दीपावली का मतलब होता है, दीपों की अवली यानि पंक्ति, यानि दीयों की लाइन। दीपों की पंक्तियों से सुसज्ज‍ित इस Festival को Diwali कहा जाता है। कार्तिक माह की अमावस्या को मनाया जाने वाला यह महा-पर्व, अंधेरी रात को असंख्य दीयों की रौशनी से प्रकाशमय कर देता है।

दिवाली के बारे में लोगों के बिचार को कुछ इस तरीके से भी ब्यक्त किया जा सकता है इसमें लोगों की कई तरह की राय हो सकती है बहुत लोग इसको “दीपों का त्योहार” भी कहते है तो कई लोग इसको “हिन्दुओं का सबसे बड़ा पर्व” के रूप में भी इसको जानतें है।ऐसी मान्यता है की जब भगवान् राम लंका पर विजय प्राप्त करके के अयोध्या आते है तो उनके सम्मान में पूरी अयोध्या को दीपों से सजाया जाता है तभी से दिवाली का पर्व बड़ी धूम – धाम से मनाया जाने लगा। Why We Celebrate Diwali in Hindi

dipawali in hindi

दीपावली में दीप जलाने की प्रथा के पीछे अलग-अलग कारण या कहानियां हैं। हिंदू मान्यताओं में अनुसार कार्तिक अमावस्या को Lord Rama चौदह वर्ष का वनवास काटकर तथा असुरी वृत्तियों के प्रतीक रावणादि का संहार करके अयोध्या लौटे थे। तभी से इस पर्व को बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है।

Wikipedia के अनुसार – दीपावली या दीवाली अर्थात “रोशनी का त्योहार” शरद ऋतु (उत्तरी गोलार्द्ध) में हर वर्ष मनाया जाने वाला एक प्राचीन हिंदू त्योहार है। दीवाली भारत के सबसे बड़े और प्रतिभाशाली त्योहारों में से एक है। यह त्योहार आध्यात्मिक रूप से अंधकार पर प्रकाश की विजय को दर्शाता है [Source – WikiPedia]

भगवान् राम 14 वर्ष का बनवास काट कर अयोध्या वापस आये थे तभी से दिवाली का फेस्टिवल मनाया जाता है। यह असत्य पर सत्य की बिजय का पर्व भी है। इस दिन भगवान् राम लंका पर विजय प्राप्त कर अपने राज्य आते है,

lord ram return Ayodhya

हिन्दी निबंध – दीपावली

दिवाली हिन्दुओं का सबसे बड़ा त्योहार है, इस दिन हिन्दू लोग बहुत ही धूम – धाम से अपने घरों में दिए जलाते है और मिठाईयों खाते है साथ में पटके भी जलाते है और एक दूसरे के गले मिलते है इस त्योहार में माँ लक्ष्मी और गणेश की पूजा की जाती है, हिन्दुओं के लिए यह पर्व नए साल की तरह ही होता है, बहुत लोग अपना नया साल दिवाली से ही शुरू करते है।

Lord Krishana भक्तिधारा के लोगों का मत है कि इस दिन Lord Krishana ने अत्याचारी राजा नरकासुर का वध किया था। इस नृशंस राक्षस के वध से जनता में अपार ख़ुशी और हर्ष फैल गया और प्रसन्नता से भरे लोगों ने घी के दीए जलाए। एक पौराणिक कथा में यह बताया गया है कि, भगवान् विंष्णु ने नरसिंह रुप धारणकर हिरण्यकश्यप का वध किया था तथा इसी दिन समुद्रमंथन के पश्चात लक्ष्मी व धन्वंतरि प्रकट हुए।

जैन मतावलंबियों के मुताबिक 24तीर्थंकर महावीर स्वामी का निर्वाण दिवस भी Diwali को ही होता है। पंजाबी लोगों के लिए भी यह महत्त्वपूर्ण है क्योंकि इसी दिन ही अमृतसर में 1577 में स्वर्ण मन्दिर का शिलान्यास हुआ था। इसके अलावा 1619 में Dipawali के दिन सिक्खों के छठे Guru Govind Singh जी को जेल से रिहा किया गया था।

Nepali’s के लिए यह त्योहार इसलिए महान है क्योंकि इस दिन से Nepal संवत में New Years शुरू होता है। पंजाब में जन्मे स्वामी रामतीर्थ का जन्म व महाप्रयाण दोनों दीपावली के दिन ही हुआ। इन्होंने दीपावली के दिन गंगातट पर स्नान करते समय” Om” कहते हुए समाधि ले ली। महर्षि दयानंद ने भारतीय संस्कृति के महान जन नायक बनकर Diwali के दिन अजमेर के निकट अवसान लिया। इनको आर्य समाज की स्थापना के लिए जाना जाता है।

हिंदु धर्म में इस दिन Maa Laxmi के पूजन का विशेष विधान है। रात्रि के समय हर घर में धन धान्य की अधिष्ठात्री देवी महालक्ष्मी जी,विघ्न-विनाशक गणेश जी और विद्या एवं कला की देवी मातेश्वरी सरस्वती देवी की पूजा-आराधना की जाती है।

ब्रह्मपुराण के अनुसार कार्तिक अमावस्या की इस अंधेरी रात्रि अर्थात अर्धरात्रि में महालक्ष्मी स्वयं भूलोक में आती हैं और प्रत्येक सद्गृहस्थ के घर में विचरण करती हैं। जो घर हर प्रकार से स्वच्छ, शुद्ध और सुंदर तरीके से सुसज्जित और प्रकाशयुक्त होता है वहां अंश रूप में ठहर जाती हैं इसलिए इस दिन घर-बाहर को ख़ूब साफ-सुथरा करके सजाया-संवारा जाता है। कहा जाता है कि दीपावली मनाने से Ma Laxmi प्रसन्न होकर स्थायी रूप से सदगृहस्थों के घर निवास करती हैं।

इस फेस्टिवल का वातावरण धनतेरस से ही शुरू हो जाता है, यह Festival अलग-अलग नाम और विधानों से पूरी दुनिया में मनाया जाता है। इसका एक कारण यह भी कि इसी दिन अनेक विजय श्री युक्त कार्य हुए हैं। इस दिन बहुत से शुभ कार्यों का शुभारम्भ भी किया जाता है जैसे कोई अपना नया घर लेता है तो कोई अपने लिए जमीन की रजिस्ट्री करवा है कोई नयी गाड़ी लेता है ऐसे काम लोग दिवाली के शुभ दिन पर ज्यादा करते है। इस दिन ब्यापारी अपने खाते बदलते है उनका नया साल इसी दिन से शुरू होता है।

भारत में सभी राज्यों में दिवाली मानाने का अपना अलग तरीका होता है, पर सभी जगह कई पीढ़ियों से यह Festival मनाया जाता है। लोगों में दिवाली की बहुत उमंग होती है। इस फेस्टिवल का लोग बहुत बेसबरी से इंतज़ार भी करते है लोग कहते है की दिवाली पर मैं ये चीज लूंगा उसके लिए मैं तैयारी कर रहा हू। इस दिन लोग अपने घरों के एक – एक कोने को साफ़ करते है ताकि उनका घर पूरी तरह से साफ़ सुथरा हो, ताकि उनके घर में Maa Laxmi का वास हो और उनकी जिंदगी अच्छे से चले उनके घर में धन धान की कभी कोई कमी न हो।

इस दिन लोग नये- नये कपडे पहनते है, मिठाइयों के उपहार एक दूसरे को बांटते हैं, एक दूसरे में मिलते है, घर में सुन्दर – सुन्दर रंगोली बनाते है, शाम के समय लोग खूब आतिशबाजी करते है। बड़े छोटे सभी इस Festival में भाग लेते हैं। यह Festival सामूहिक व व्यक्तिगत दोनों तरह से मनाए जाने वाला ऐसा विशिष्ट Festival है जो धार्मिक, सांस्कृतिक व सामाजिक विशिष्टता रखता है। अंधकार पर प्रकाश की विजय का यह पर्व समाज में उल्लास, भाई चारे व प्रेम का संदेश फैलाता है। Why We Celebrate Diwali in Hindi

Importance of Diwali Festival in Hindi

Diwali Festival Importance, Benefits and Loss in Hindi – दिवाली का पर्व पांच दिन तक चलता है जिसमे कुछ इस तरह के पर्व होते है जैसे धन तेरस, नरक चौदस, दीवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज इसलिए दिवाली का अपना के बहुत बड़ा महत्व होता है। यह हिंदी धर्म का सबसे बड़ा Festival होता है। दिवाली का अपना एक अलग ही महत्व होता है, आज दिवाली पूरी दुनिया में मनाई जाती है, हमारे देश के लोग जिन – जिन देशों में रहते है, वहां भी दिवाली बहुत ही धूमधाम से मनाई जाती है।

14 वर्ष वनवास का जीवन बिताने के बाद के बाद जब भगवान् राम अयोध्या वापस लौटे, अपने राजा के वापसी की ख़ुशी में सभी प्रजा लोगों ने घी का दीपक जलाकर उनका अपनी श्रध्दाभरी भावना से ऐसा भव्य स्वागत किया, जिससे उस दिन की काली रात्रि अर्थात अमावस प्रकाशित हो उठी, उसी दिन से यह पर्व अयोध्या में 5 दिन का मनाया जाने लगा बाकि जगह पर दो दिन यह पर्व मनाया जाता है। सभी दिनों के साथ कुछ धार्मिक कथायें जुड़ी हुई हैं।

धनतेरस – दिवाली के पहले धनतेरस होती है जिस दिन लोग बहुत सारे सामान खरीदते है। इस दिन देवी लक्ष्मी तथा देवता कुबेर की मूर्तियों को भी ख़रीदा जाता है ताकि लोग दिवाली के दिन अच्छे से पूजा कर सके। शुभ मुहूर्त में सोने, चांदी के बर्तन, गहने ख़रीदे जाते है

दिवाली Festival आते ही ये सारे पर्व शुरू हो जाते है इसमें सबसे पहले आता है धनतेरस…! दिवाली के साथ आने वाले पर्व

dhanteras

  • धनतेरस
  • नरक चौदस
  • दीवाली
  • गोवर्धन पूजा
  • भाई दूज

दिवाली अपने साथ इतने सारे Festival’s लेकर आती है इसलिए दिवाली का महत्व होता है। दिवाली में हिन्दुओं की आत्मा बसती है, हिन्दू धर्म में दिवाली का बहुत ही महत्व होता है इस दिन से कई चीजों की नयी शुरुआत होती है। दिवाली वास्तव में एक मिलन का त्यौहार होता है। जिसमे सभी अपनों से मिलते हैं, खुशियाँ बाटते हैं…!! इस दिन सभी लोग अपने सारे मन मोटव को भूल कर एक दूसरे के लगे लगते है साथ में मिठाईओं को भी खाते है और दिए जलाते है साथ में आतिशबाजी भी होती है इसलिए इसका महत्व होता है।

दिवाली के लाभ (Diwali Benefits) –

  • दिवाली में छोटे बड़े सभी व्यापारियों के लिए खास कमाई का वक्त होता हैं।
  • Diwali से सभी तरह के व्यापार में तेजी आती हैं क्यूंकि यह त्यौहार में हर चीज New आती है. लोग घर की साज सजावट, अपने कपड़ो, गहनों, खाने पीने सभी चीजों पर खर्च करते है।
  • Diwali से आपसी प्रेम बढता है जिससे Relations में मिठास आती हैं।
  • साफ सफाई का बहुत महत्व हैं जिससे घरो तथा आस पास के परिवेश स्वच्छ होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए लाभ कारी हैं. इस त्यौहार के बहाने साल में एक बार पुरे घर की सफाई हो जाती है, उनमे नया रंग करा दिया जाता है. यह त्यौहार न हो तो ऐसा होना मुश्किल है।
  • Small Scale Industry के लिए भी Diwali का त्यौहार खुशियाँ लाता हैं. मिट्टी का समान, साज सज्जा का समान Small Scale Industry द्वारा बनाये जाते है, जिनसे उनकी जीविका चलती है।

दीपावली की हानियाँ (Diwali Nuksaan):

diwali ke patake

  • आतिशबाजी और फटाखों के कारण प्रदूषण (pollution) फैलता हैं।
  • ज्यादा मात्रा में मिष्ठान और पकवान से स्वास्थ्य बिगड़ता हैं।
  • Light की सजावट के कारण Electricity की बर्बादी होती हैं।
  • दिखावा के चक्कर में लोग फिजूल खर्च करते है।

जहाँ लाभ होते हैं वही हानियाँ भी होती हैं, Diwali एक बड़ा त्यौहार हैं जो अपने साथ अपार ख़ुशी और प्रेम लेकर आता हैं पर सावधानी और विचार के साथ इसे मनाये तो यह हानि नहीं देता अपितु खुशहाली देता हैं।

दुनिया में दिवाली –

दीपावली को Specially Hindu, Jain and Sikh समुदाय के साथ विशेष रूप से दुनिया भर में मनाया जाता है। दिवाली का पर्व श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, मलेशिया, Singapore, इंडोनेशिया, Australia, न्यूजीलैंड, Fiji, मॉरीशस, Kenya, तंजानिया, South Africa, गुयाना, सूरीनाम, नीदरलैंड, Canada, ब्रिटेन शामिल संयुक्त अरब अमीरात, और संयुक्त राज्य अमेरिका में भी बहुत घूम – धाम से मनाया जाता है, इन देशों में बसे भारतीय वहां दिवाली को बहुत ही अच्छे से मानते है।

10 Line on Diwali in Hindi – दिवाली पर 10 लाइन

  • Diwali भारत का एक प्रमुख त्यौहार है। इसे प्रकाश का त्यौहार भी जाना जाता है।
  • Diwali को दीपावली भी कहते है जिसका अर्थ है दीपकों की माला।
  • दिवाली पर भारत में राष्ट्रीय छुट्टी होती है, यह फेस्टिवल 5 दिनों का होता है जिसमे कई पर्व होते है।
  • इस दिन भगवान राम, रावण रावण का नाश करके लंका से अयोध्या वापस लौटे थे।
  • Diwali के दिन लोग अपने घरों को दीयों के रौशनी से सजाते हैं और अच्छे स्वास्थ्य ,बुद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं।
  • इस दिन सभी लोग अपने घरों और आसपास की सफाई करते है। सभी अपने-अपने घरों में रंगोली बनाते हैं।
  • दिवाली में सभी लोग नए कपडे खरीदते है ,बच्चे पटाखे छुड़ाते है।
  • इस दिन सभी धन की देवी लक्ष्मी से धन-धान्य व खुशहाली की कामना करते हैं।
  • दीपावली का त्यौहार बुराई पर अच्छी की विजय का प्रतीक है।
  • इस त्यौहार को हिन्दू, मुस्लिम,सिख और ईसाई सभी मिलकर मनाते हैं।

दिवाली के इतिहास और भूगोल के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप सभी इस लिंक पर क्लिक करके पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते है। History of Diwali

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दिवाली का त्यौहार भारत में बहुत ही प्रसिद्ध होता है इसके लिए लोग पहले से ही बहुत कुछ तैयार करते है बहुत लोग तो दिवाली में कई सारे प्लान भी करते है जैसे – गाड़ी लेना, गहने लेना, फ्लैट लेना, रजिस्ट्री करवाना, नए कपड़ें लेना, घूमना और मिठाईयों का स्वाद लेना।

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