Swavalamban Par Essay Nibandh in Hindi – स्वावलंबन पर हिन्दी में निबंध

By | March 4, 2020

Swavalamban Par Essay Nibandh in Hindi – कक्षा 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10 तक के बच्चों को स्वावलंबन का महत्व पर निबंध

स्वावलम्बन से हमारा मतलब है आत्मनिर्भरता, यानि अपने पर निर्भर होना ही आत्मनिर्भरता कहलाती है। अपने काम स्वयं करना, किसी भी वस्तु, जरुरत के लिए किसी पर निर्भर न होना यही स्वावलम्बन कहलाता है। अगर कोई ब्यक्ति आत्मनिर्भर होता है तो उसका आत्मविश्वास और भी अधिक बढ़ जाता है। एक कहावत है की इस दुनिया में अकेले आये है और अकेले ही जाना है तो फिर क्यों न हम अपने को इतना मजबूत रखें की किसी पर निर्भर न रहना पड़ें। इसका ये मतलब नहीं है ही आप किसी के साथ सम्बन्ध न रखे, जरूर रखें सभी से प्यार करें मगर किसी पर बोझ न बने।

Swavalamban Par Essay Nibandh in Hindi

Swavalamban Par Essay Nibandh in hindi

स्वावलम्बन को आज के ज़माने में रुपयों और पैसे से जोड़ दिया गया है जो पैसों के लिए किसी पर निर्भर नहीं होता है उसी को आज लोग स्वावलम्बी कहते है। बचपन से हमें यही सिखाया जाता है कि बड़े होकर स्वावलम्बी बनो, ताकि तुम अपने साथ-साथ दूसरों की भी ज़िम्मेदारियाँ उठाने के लायक बनों आज के माता पिता अपने बच्चों को ऐसी शिक्षा देते है को उनका बच्चा बड़ा होकर अपने पैरों पर खड़े हो सकें, साथ ही परिवार की भी ज़िम्मेदारी उठा सकें।

दुनिया में इंसान की रचना ही स्वावलम्बन बनने के लिए की गयी है तभी तो आज पूरी दुनिया में लोग कोई न कोई काम या नौकरी बिज़नेस करके अपने पैरों पर खड़े है इसी को स्वावलम्बन कहा जाता है। हम पहले अपने शरीर के लिए आत्मनिर्भर बने फिर हमें स्वावलम्बन की तरफ आगे बढ़ना चाहिए यही सृष्टि का नियम होता है। जिस तरीके से एक ब्यक्ति स्वावलम्बन होता है उसी तरह से आज दुनिया में देश भी अपने आप को स्वावलम्बन की तरफ आगे ले जा रहे है।

स्वावलम्बी होने के फायदे (Swavalamban Ke Fayde) –

अगर आप स्वावलम्बी है तो आप को बहुत सारे फायदे हो सकते है जैसे –

  • आप का आत्मविश्वास बढ़ेगा।
  • आप जीवन के फैसले खुद ले सकते है या लेने में सक्षम हो जाते है।
  • आपकी कर्तव्य निष्ठा बढ़ती है।
  • मन हमेशा प्रसन्न रहता है।
  • समाज व देश का विकास होता है।
  • स्वावलम्बन आप को बड़ा आदमी बनाता है।

स्वावलम्बी होने के दुष्प्रभाव (Swavalamban Ke Nuksaan) –

  • समाज की हीन भावना का शिकार
  • आत्मसम्मान खो बैठना

एक शिक्षित, पढा लिखा व्यक्ति ही स्वावलम्बी होता है, यह बात बिलकुल ही गलत है, आज हमारे देश में कई ऐसे बिज़नेस और किसान है तो बिलकुल भी पढ़े लिखे नहीं है मगर वो बहुत ही सफल लोग है उनके पास सैकड़ों की संख्या में लोग काम करते है वो लोग कईयों की जिंदगी को रोशन कर रहे है। फिर भी शिक्षा जीवन के लिए बहुत जरुरी है, शिक्षा से हमारे जीवन में तेजी से विकास होता है।

Swavalamban Par Essay Nibandh in Hindi

स्वावलंबन विषय पर सरकार की एक योजना भी चलती है जिसकी शुरुआत 2010-11 में की गयी थी जो आज भी जारी है इस योजना के तहत सरकार ने 1000 रूपए देकर लोगों के अकाउंट खुलवाए थे, इस योजना का लाभ उन लोगों को मिलता है, जिन्होंने कम से कम 1000 रूपए और ज्यादा से ज्यादा 12 हजार रूपए देकर अकाउंट ओपन किया है, अन्य किसी पेंशन योजना से जुड़े लोग इस योजना का लाभ नहीं ले सकते।

Quotes on Swavalamban in Hindi –

“जिस मनुष्य में अत्मविश्वास नहीं है ,
वह शक्तिमान होकर भी कायर है और विद्वान् होकर भी मुर्ख।”

“मन के हारे हार है मन के जीते जीत।”

“मैं भी छू सकती हू आकाश, मौके की है मुझे तलाश”

“स्वाभिमान से बड़ा कोई कोई गहना नहीं होता है, और ये गहना हर किसी ने पहना नहीं होता है।”

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(600 Words)

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