Hindi Essay on Problem of Traffic Jam – ट्रैफिक जाम की बढ़ती समस्या

Hindi Essay on Problem of Traffic Jam – ट्रैफिक जाम की बढ़ती समस्या (Yatayat Samasya Samadhan Eassy Hindi) , ट्रैफिक जाम की बढ़ती समस्या पर निबंध Increasing Problem of Traffic Jam in India – ट्रैफिक जाम व निदान पर निबंध

Hindi Essay on Problem of Traffic Jam

यातायात या ट्रैफिक हमारे जीवन का वो हिस्सा है, जो हमारी ज़िन्दगी को और आसान बनाता है, यातायात के द्वारा हम लम्बी दुरी भी आसानी से, कम समय में तय कर लेते है। आज के समय में मानव ने हर क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास किये है, यातायात भी इससे अछुता नहीं है, पहले यातायात के लिए विभिन्न जानवर जैसे ऊँठ, घोड़ा, बैल, हाथी, या फिर मानव निर्मित हाथ गाड़ी, पानी में चलने वाले छोटे जहाज का इस्तेमाल होता है।

Hindi Essay on Problem of Traffic Jam –

ट्रैफिक जाम की समस्या आज हमारे देश की एक सबसे बड़ी समस्या बनती जा रही है। यदि हम India की Major Cities की बात करें तो दिल्ली, बैंगलोर, मुंबई, कोलकाता जहां ट्रैफिक जाम की समस्या सबसे ज्यादा है। उदाहरण के रूप में देखें तो राजधानी दिल्ली को ले ले तो हम यह पाएंगे कि ट्रैफिक जाम से वहां हमेशा जीवन अस्त-व्यस्त है, हालांकि मेट्रो ट्रेन की सुविधा होने पर भी स्थिति गंभीर है सुबह 7:30 बजे से 12:00 बजे तक और शाम 8:00 बजे से रात 9:00 बजे तक ट्रैफिक का बुरा हाल रहता है, बारिश वाले दिनों में तो और भी बुरा हाल हो जाता है बारिश के दिनों में तो दिल्ली में शाम के समय बहुत ही परेशांनी होती है। इस समस्या के लिए सरकारें हमेशा कुछ न कुछ करती रहती है मगर अभी तक समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने “ऑड इवन फॉर्मुल” भी लगाकर इस समस्या से समाधान पाने का प्रयास किया था मगर वो भी कुछ खास काम नहीं कर पाया।

आज भारत में दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता, मंगलुरु, लखनऊ, भोपाल, पटना, पुणे जैसे शहरों में ट्रैफिक एक बहुत बड़ी समस्या बना है, बहुत ज्यादा ट्रैफिक होने से शहरों में रहने वाले लोगों में कई तरह की बीमारियों का होना लाजमी हो रहा है लोग ट्रैफिक की समस्या से इतना परेशान हो जाते है की शाम को ड्यूटी से आते समय सोचते है की आज ट्रैफिक न मिले। घण्टों देर तक ट्रैफिक में फसे रहने से वाहनों से निकले गन्दे धुएं लोगों को बहुत ही नुकसान करते है, यही कारण है की आज इस समस्या पर कई तरह के बिचार चल रहे है की इसको कैसे ठीक किया जाय।

यातायात के साधन (Major Means of Transport/ Traffic)

21वीं सदी में दुनिया के पास यातायात के तीन मुख्य साधन है –

1. वायु यातायात – हवाईजहाज, हेलीकाप्टर, जेट प्लेन
2. जल यातायात – जहाज, शिप, मोटर बोट, क्रूज
3. सड़क यातायात – 10 पहिया वाहन ट्रक, बस, 4 पहिया वाहन कार, जीप, टैक्सी, इसके अलावा ऑटो रिक्शा, हाथ रिक्शा, साइकिल आदि. इस सूची में रेलगाड़ी का मुख्य स्थान है.

“एक सर्वे के मुताबिक कैलिफॉर्निया के लॉस एन्जलस शहर में एक साल में ट्रैफिक जाम की वजह से 4 अरब लीटर ईंधन बर्बाद होता है। एक अध्ययन के मुताबिक, अगर ट्रैफिक जाम में सिर्फ ईंधन और समय की बरबादी को लें, तो इससे अमरीका के लोगों को हर साल करीब 68 अरब डॉलर (46 खरब रुपए) खर्च करने पड़ते हैं।”

मैं पिछले सप्ताह दिल्ली गया था, मैंने वहां देखा की ट्रैफिक दिल्ली की सबसे बड़ी समस्या है। इसका मुख्य कारण दिल्ली की जनसंख्या में अमूमन उच्च वर्ग के लोगों की संख्या ज्यादा है और शान शौकत से रहना उनकी आदत और उन्हें अपने वैभव को दुनिया को दिखाना भी है यही कारण है की एक – एक घर में कई गाड़ियों का होना जिसकी वजह से दिल्ली में ऐसी समस्या ने अपना घर बना लिया है यह एक ऐसा समस्या है जिसका अभी तक कोई ठोस तरीका नहीं निकला है सरकार प्रयास कर रही है लोग भी इसमें सहयोग दे रहे है हो सकता है आने वाले दिनों में कुछ अच्छा रास्ता निकले ट्रैफिक की समस्या के समाधान के लिए।

इस समस्या का समाधान तभी निकलेगा जब सरकार और जनता दोनों कंधे से कन्धा मिलाकर एक दूसरे का साथ दे तो इस समस्या से जल्दी छुटकारा पाया जा सकता है। अकेले सिस्टम को दोष देने से ऐसी समस्या ठीक नहीं की जा सकती है। आज भारत के बड़े बड़े शहरों में ट्रैफिक एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है अब तो लोग कहते है की छोटे – छोटे शहरों में भी ट्रैफिक की समस्या होने लगी है ऐसे में सभी को मिलकर इस समस्या से समाधान निकलना चाहिए। यदि एक ऑफिस के कुछ कर्मचारी एक ही स्थान से आते हैं तो उन्हें वाहन पुलिंग करनी चाहिए जिससे 5 गाड़ी की जगह 1 गाड़ी 5 लोगों को लेकर एक ही स्थान पर जाए इससे ट्रैफिक जाम की समस्या से काफी हद निजात मिलेगा और साथ ही साथ समय एवं पेट्रोल की भी बचत होगी इस पर विचार करने की आवश्यकता है।

कभी-कभी ट्रैफिक जाम होने की वजह से बहुत से लोगों को अपनी जिंदगी से हाथ धोना पड़ता है ऐसा समाचारों में सुनाई देता है कि ट्रैफिक जाम की वजह से बीमार व्यक्ति समय से हॉस्पिटल नहीं पहुंच पाया जिसकी वजह से बीच रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई। कई शहरों में ट्रैफिक की समस्या इतना जाता है की लोगों को अपने घर एयरपोर्ट जाने के लिए 3 घण्टे पहले ही निकलना होता है जबकि उनके घर से एयरपोर्ट की दूरी केवल 5-7 Km ही होती है।

ट्रैफिक की समस्या से आज भारत का हर राज्य परेशान है, अंतर बस इतना है की कोई ज्यादा परेशान है तो कोई कम परेशान सभी है। इसके समाधान के लिए ट्रैफिक पुलिस और राज्यों की सरकारों में तालमेल करके समस्या का समाधान निकाला जा रहा है आज आये दिन ट्रैफिक पुलिस लोगों को ट्रैफिक से निजाद पाने के तरीके को सिखाती रहती है ऐसे में जो लोग इसका पालन करते है तो बहुत हद तक ट्रैफिक में नहीं फसते है वो पहले से ही सतर्क रहते है और जब उनको कहीं जाना होता है तो रास्ते बदल कर स्मार्ट तरीके से अपने सफर को आसान बना लेते है। ट्रैफिक की समस्या से निजाद पाने के लिए सभी की भागेदारी जरुरी है अगर सब इसमें सहयोग देते है तो ट्रैफिक की समस्या से समाधान पाया जा सकता है।

ट्रैफिक जाम का निदान –

पहले से योजना बनाइए और ट्रैफिक से बचिए
अगर आप सवारी हैं, तो वक्‍त का फायदा उठाने का उपाय ढूँढ़िए
सही वक़्त पर निकले
जिस हालात को बदलना आपके बस में नहीं है, उससे परेशान मत होइए

(1000 Words)

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