Air Pollution in Hindi – वायु प्रदूषण पर निबंध Air Pollution Essay

Air Pollution in Hindi – वायु प्रदूषण पर निबंध Air Pollution Essay In Hindi

Air Pollution In Hindi रसायनों, सूक्ष्म पदार्थ, या जैविक पदार्थ के वातावरण में, मानव की भूमिका है, जो मानव को या अन्य जीव जंतुओं को या पर्यावरण को नुकसान पहुँचाता है।

वायु विभिन्य वायुमंडलीय गैसों का यांत्रिक मिस्रण है, जो मानव सहित विभिन्य जीवधारियों के जीवन आधार है। एक सामान्य ब्यक्ति को प्रतिदिन लगभग 35 गैलन या 16 किलोग्राम बायु की जरुरत होती है जिसे वह अपने आस पास ऑक्सीजन वायुमंडल से प्राप्त करता है। बड़े पैमाने पर जीवास्म ईधन के दहन, पेड़ों की कटाई और समुद्र में प्लैक कॉटन के घटाव से वायु में जहरीली गैसों और अशुद्धियों की मात्रा बढ़ने लगती है और वह प्रदूषित हो जाती है। इस प्रकार वायु प्रदुषण वह इस्थिति है, जिसमे वायुमंडल में मानव और बहुत सारे जीवधारियों को हानि पहुंचाने वाले विषैले तत्व एकत्रित हो जाते है।

वायु प्रदूषण में प्रमुख है – कार्बन मोनो ऑक्साइड, सल्फर डाई ऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, हइड्रोजन, हइड्रोकार्बन एवं कड़िय प्रदार्थ।

भारत में स्वतन्त्रा के बाद से बढ़ते Industrialization  और नगरीयकरण के कारण वायु प्रदूषण में काफी इजाफा हुआ है। देश के महानगरों में वायु मंडल में बड़ी मात्रा में प्रदूषकों का उत्सर्जन रहा है एवं कुछ एरिया में तो यह मात्रा विकसित देशों के स्तर तक पहुंच गयी है। विश्व हेल्थ संगठन के अनुसार दिल्ली में वायु प्रदूषण मानव सहन स्तर से ऊपर जा रहा है, जो एक चिंता का विषय बना हुआ है। दिल्ली में सबसे ज्यादा कूड़ा करकट होने से वहां सबसे ज्यादा प्रदूषण का खतरा बना है।

मुंबई देश का एक अति प्रदूषित नगर है। जहाँ प्रतिदिन विभिन्य स्रोतों से ६००० से ज्यादा टन प्रदूषक वायु में मिलाये जा रहे है। यहाँ चैम्बूर से ट्राम्बे तक एक एरिया बहुत ही अयोद्योगिक कृत है जहाँ प्रदूषण की मात्रा नगर के सभी एरिया से 3 to 6  गुना अधिक मानी जाती है। मुंबई में सबसे ज्यादा प्रदूषण होता है।

वायु प्रदुषण का प्रभाव – देश के पिछले कुछ दशक में वायु प्रदूषण जी गति से बढ़ा है वह चिंता का विषय है। शहरों और कलकारखानों के आस पास रहने वाले लोगों को इससे काफी गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है दिल्ली जा विश्व का चौथा सबसे बड़ा प्रदूषित सिटी बन गयी है, जिसका लगभग ३० प्रतिशत निवासी या तो दमा, श्वासनली आदि रोगों से ग्रस्त है। अब प्रदूषण केवल बड़े सिटी तक सिमित नहीं रहा है आज यह छोटे छोटे सिटी को भी अपने लपेटे में ले रहा है। जिससे लोगों को काफी नुकशान हो रहा है लोग बीमारी से सबसे ज्यादा परेशान है जिसकी वजह गाड़ियों से निकलने वाला धुवाँ कल कारखानों से निकलने वाला धुवाँ जिससे लोगों को बहुत परेशानी हो रही है।

आज के समय में दिन प्रति दिन पर्यावरण की Taji Air विविक्त, जैविक अणुओं, और अन्य हानिकारक सामग्री के मिलने के कारण प्रदूषित हो रही है। इस तरह की प्रदूषित वायु से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, बीमारी और मृत्यु का कारण बनती है। वायु प्रदूषण प्रमुख पर्यावरणीय समस्याओं में से एक है जिस पर ध्यान देने के साथ ही सभी के सामूहिक प्रयासों से सुलझाने की आवश्यकता है।

अगर सरकार ने जल्द ही प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कोई योजना नहीं बनायीं तो आने वाले दिनों में बहुत ही घातक रिजल्ट सबके सामने देखने को मिलेगें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *